जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान
गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है दिल से तुमको नमन हैं करते ये आजाद वतन जो दिलाया है….
चलो फिर से खुद को जागते हैं अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं सुनहरा रंग है शहीदों के लहू से ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं
जिक्र अगर हीरो का होगा, तो नाम हिंदुस्तान के वीरों का होगा।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान है
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसिता हमारा
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान
गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है दिल से तुमको नमन हैं करते ये आजाद वतन जो दिलाया है….
चलो फिर से खुद को जागते हैं अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं सुनहरा रंग है शहीदों के लहू से ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं