"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है
ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया
प्यार आज भी तुझसे उतना ही है बस तुझे एहसास नहीं और हमने भी जताना छोड़ दिया
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है
ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया
प्यार आज भी तुझसे उतना ही है बस तुझे एहसास नहीं और हमने भी जताना छोड़ दिया
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....