वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
रिश्ते वो होते हैं जिसमे तकरार कम और प्यार ज्यादा हो जिसमे सवाल कम और विश्वास ज्यादा हो
सच्चे प्यार के लिए दूरियां मायने नहीं रखतीं
फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
रिश्ते वो होते हैं जिसमे तकरार कम और प्यार ज्यादा हो जिसमे सवाल कम और विश्वास ज्यादा हो
सच्चे प्यार के लिए दूरियां मायने नहीं रखतीं
फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर, एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था !