तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती
लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है, इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.
तुम ही वजह मेरे खालीपन की.. और.. तुम्ही गूंजते हो मुझमें हरदम !
उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती
लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है, इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू
मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी
"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."
जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.