सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी अपनी जिद्द बना लो !!

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जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी