कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

Share:

More Like This

जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है

ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…

मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...

बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है

जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है

ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…

मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...

बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है