कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...
मेरी बात सुन पगली अकेले हम ही शामिल नही है इस जुर्म में.... जब नजरे मिली थी तो मुस्कराई तू भी थी
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है
कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...
मेरी बात सुन पगली अकेले हम ही शामिल नही है इस जुर्म में.... जब नजरे मिली थी तो मुस्कराई तू भी थी
नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...??
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है
दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है