इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...