वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

Share:

More Like This

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!

तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

कुछ रिश्ते निभाने के लिए आपका, नासमझ बने रहना जरूरी है...

अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो, बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी..!

तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी

जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.