प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

Share:

More Like This

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

एक तरफा ही सही प्यार तो प्यार है, उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है.

आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

एक तरफा ही सही प्यार तो प्यार है, उसे हो ना हो लेकिन मुझे बेशुमार है.

आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं मगर ‘जाने’ नहीं देते !!

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.