प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

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कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||

नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...

कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!

इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |

मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है

बस जाते हैं दिल में इजाज़त लिए बगैर, वो जिन्हें हम ज़िन्दगी भर पा नहीं सकते |

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||

नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...