बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
मेरी जिंदगी तेरे साथ शुरू तो नहीं हुई पर ख्वाहिश है खत्म तेरे साथ ही हो ?❤️
कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है
ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?
बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
मेरी जिंदगी तेरे साथ शुरू तो नहीं हुई पर ख्वाहिश है खत्म तेरे साथ ही हो ?❤️
कुछ इस तरह वो मेरी बातों का ज़िक्र किया करती है.... सुना है वो आज भी मेरी फिक्र किया करती है
ना कोई शिकायत, ना कोई ग़म.... तेरे ही थे ओर तेरे ही रहेगे हम…
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?