नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके
*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....
लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई
नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके
*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*
कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....
लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई