रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..
एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...