ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
दुनिया में रहने की सबसे अच्छी दो जगह ‘किसी के दिल में’ या ‘किसी की दुआओं में’
अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .
दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु
ए इश्क़, तू ही बता, मैं तेरा अब, क्या हश्र करूँ - दिल जलाऊँ, आँखों से बहाऊँ, या रूह में क़ैद करूँ
दुनिया में रहने की सबसे अच्छी दो जगह ‘किसी के दिल में’ या ‘किसी की दुआओं में’
अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से प्यार है
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़, कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
तेरी यादे.... तेरी बाते.... बस तेरे ही फ़साने हैं... हाँ हम क़ुबूल करते हैं हम तेरे ही दीवाने .
दिलो मे रहता हु, धड़कने थमा देता हु - मे इश्क हु - वजूद की धजिया उड़ा देता हु