गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।

गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर भी उनका दिल पिघलने का नाम ही नहीं ले रहा ।

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कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.

मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....

मेरी बात सुन ‪‎पगली‬ अकेले ‪हम‬ ही शामिल नही है इस ‪जुर्म‬ में.... जब नजरे‬ मिली थी तो ‎मुस्कराई तू‬ भी थी

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

दिल के रिश्ते का कोई नाम नहीं होता, माना कि इसका कुछ अंजाम नहीं होता, अगर निभाने की चाहत हो दोनों तरफ, तो कसम से कोई रिश्ता नाकाम नहीं होता.

मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....

मेरी बात सुन ‪‎पगली‬ अकेले ‪हम‬ ही शामिल नही है इस ‪जुर्म‬ में.... जब नजरे‬ मिली थी तो ‎मुस्कराई तू‬ भी थी

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

नफ़रत सी हो गई हैँ इस दुनिया से, एक तुम से मोहब्बत करके