तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!
हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
तू वही हैना जिसने पहले फसाया फिर हसाया और फिर अपना बनाकर खूब रुलाया
रख लो दिल में सम्हाल कर थोड़ी सी याद मेरी....,रह जाओगे जब तन्हा तो हम बहुत काम आएँगे
कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!
हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..