माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके
माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .
बुरा वक़्त दर्द नहीं देता बुरे वक़्त में साथ छोड़ने वाले दर्द देते है
कुछ तो है तुझसे मेरा रिश्ता वर्ण कोई गैर इतना भी याद नहीं आता
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके