किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।
रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
मेरे मरने पर तो रोने वाले बहुत हैं तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
उन्हें नफरत हुयी सारे जहाँ से, अब नयी दुनिया लाये कहाँ से
चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही