मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

मेरे ग़म को कोई नहीं समझ सका क्यों के मुझे आदत थी मुस्कराने की

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सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.

चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ

सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.

चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम

एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मे क्यों करू .

तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा

रोता देखकर वो ये कह के चल दिए कि, रोता तो हर कोई है क्या हम सब के हो जाएँ