रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
थक सा गया है मेरी चाहतों का वजूद, अब कोई अच्छा भी लगे तो इजहार नहीं करता.
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए
रिश्ते धीरे धीरे ही खत्म होते हैं बस पता अचानक सा चलता हैं .
तुम बेवफा नही मगर इतना ज़रूर हैं तुम पहले जैसे थे अब वैसे नही रहे
थक सा गया है मेरी चाहतों का वजूद, अब कोई अच्छा भी लगे तो इजहार नहीं करता.
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं
ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए