तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
"हमने दिल वापस मांगा तो वो सर झुका कर बोली, वो तो टूट गया खेलते खेलते.."
तुझे जाना था तो हमने जाने दिया तुझे,, इससे बढ़कर और क्या वफा करते हम।
सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
शक तो था मोहब्बत में नुक़सान होगा, पर सारा हमारा ही होगा ये मालूम न था
"मेरी आँखों की नमी ना जान पाया वो शख्स, एक अरसे तक जो इन आँखों में ही रहा था...!"
"हमने दिल वापस मांगा तो वो सर झुका कर बोली, वो तो टूट गया खेलते खेलते.."