बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
जब लोगों के दिल भर जाते हैं..... तो दूर जाने के बहाने अपने आप मिल जाते हैं.....!
ये मोहब्बत के हादसे दिलो को तोड़ देते है, तुम मज़िल की बात करते हो लोग राहों मे छोड़ देते है