किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!
जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!
जहर में उतना जहर नहीं होगा, जितना जहर कुछ लोग दूसरों के लिए अपने अंदर रखते है
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं