बहुत शोक था दुसरो को खुश रखने का होश तब आया जब खुद को अकेला पाया

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मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

जब मिलोगे किसी और से तो जान जाओगे, अगर अच्छे नहीं थे तो बुरे भी नहीं थे हम...!

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......

मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

सच्चा प्यार सिर्फ वो लोग कर सकते हैं...जो किसी का प्यार पाने के लिए तरस चुके हो.

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

जब मिलोगे किसी और से तो जान जाओगे, अगर अच्छे नहीं थे तो बुरे भी नहीं थे हम...!

कुछ चुप रहती हूँ, कुछ बोलती हूँ, कुछ रिश्ते मेरे इसी से संभले हुए हैं ......