चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हसना नहीं रोना भी छोड़ देता है
रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......
तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने