कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती

कुछ पल निकाल लिया करो मेरे लिए भी, दिल बहुत उदास रहता है जब तुमसे बात नहीं होती

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बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."