ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

ग़म इस बात का नहीं की आप मिल न सकेंगे, दर्द इस बात का है की हम आपको भुला न सकेंगे

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इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!

इतिहास गवाह है- 'खबर' हो या 'कबर' खोदते हमेशा अपने ही हैं|

बदल जाऊँगा मैं भी इक दिन पूरी तरह, तुम्हारे लिये न सही…तुम्हारी वजह से यकीनन!!!

"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!