खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

खामोश हूँ तो बस तेरी ख़ुशी के लिए ये मत समझना की मेरा दिल नहीं दुखता

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गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

जब मिलोगे किसी और से तो जान जाओगे, अगर अच्छे नहीं थे तो बुरे भी नहीं थे हम...!

गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई

जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

तमाशा बन गयी है ज़िन्दगी कुछ कहे तो भी बुरे और कुछ न कहे तो भी बुरे

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

जब मिलोगे किसी और से तो जान जाओगे, अगर अच्छे नहीं थे तो बुरे भी नहीं थे हम...!