प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
हजारो मेहफिल है .. लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वहा हम अकेले है
"आँखों से हाल पूछा दिल का, एक बूंद टपक पड़ी लहू की..."
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है