दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.
बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
खुदा जाने कोनसा गुनाह कर बैठे हैं हम कि तम्मनाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.