पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते
पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |
मुझमें ही हौसला नहीं वरना .. छत का पंखा पुकारता है मुझे....
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए
क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते