हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..
एक सवाल था तुझसे क्या तुझे सच मैं प्यार था मुझसे.
एक बात कहु जिनसे बात करने की आदत हो जाती है है ना, उनसे अगर एक दिन बात न हो तो दिल उदास हो जाता है
प्यार बार बार नहीं होता, और हर यार वफ़ा दर नहीं होता
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये