दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे

दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे

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एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।

माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ..... कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

आज आयी है मेरी याद उसे ज़रूर फिर किसी ने उसे ठुकराया होगा.