एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते
एक उम्र बीत जाती है किसी को अपना बनाने में और एक पल काफी होता है किसी अपने को गवाने में
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
दुआ हैं हर किसी को कोई ऐसा मिले जो उसे कभी रोने ना दे
मै इस काबिल तो नहीं कि कोई अपने समझे, पर इतना यकीन है कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद
नाराज़ होने का शौक भी पूरा कर लो तुम लगता है हम तुम्हें ज़िन्दा अच्छे नहीं लगते