जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!
जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…
जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!
जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं न अक्सर उनकी किस्मत बहुत खराब होती है
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
जरुरत से ज्यादा उम्मीद भी रिश्ते टुटने की वजह बन जाती है......
शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर, हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…