मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है

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हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा

हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो, हमारा शहर तो यूँ ही बिच में आया था

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

जरा देखो तो, ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है! 'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नहीं रहता…

जो प्यार नहीं सच्चा उसे भूल जाना ही अच्छा