आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है
आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है
बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
ज़रा सा खुश क्या होती हूँ किस्मत को बुरा लग जाता है