ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!

ख्वाब तो मीठे देखे थे... ताज्जुब हैं... आखों का पानी खारा कैसे हो गया...!

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तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है

जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे की ही तलाश क्यों

प्यार भी कितना अजीब होता है न , वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे

फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था

तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है

जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे की ही तलाश क्यों

प्यार भी कितना अजीब होता है न , वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे

फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था