बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

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हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.

किसी के बुरे प्रभाव से खुद को छिपाए रखना क्योंकि तुझे मंजिल के सफर में कायम है रहना इससे पहले कि कुछ गलत हो जाए, खुद को धोखे के जहर से बचाए रखना!!

पहले चुभा बहुत अब आदत सी हैं, ये दर्द पहले था अब इबादत सी हैं |

दिल की बात तो हर कोई करता है लेकिन मरते सब चेहरों पर ही हैं

जब दो लोगो के बीच में तीसरा इंसान आ जाता है तो दूरियां अपने आप बढ़ जाती है

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो