बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..

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एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ

जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.

क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..

एक दिमाग वाला दिल मुझे भी दे दे ख़ुदा, ये दिल वाला दिल सिर्फ़ तकलीफ़ ही देता हैं..

पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ

जिनके दिल बहोत अच्छे होते हैं, अकसर किस्मत उनकी ही खराब होती है.

क्या औकात है तेरी ए ज़िंदगी.. चार दिन की मोहब्बत तुझे बरबाद कर देती है..

मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी

काटे तो नसीब में आने ही थे.. फूल जो गुलाब चुना था हमने..