मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

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अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**

हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?

हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल

अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम

जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**

हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?

हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल