अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल
माथे का? तिलक कभी ?हटेगा नही, और जब तक जिन्दा हूँ,? तब तक महाकाल ⚡का नाम मुँह से मिटेगा नही।
अघोर हूँ मैं, अघोरी मेरा नाम, महाकाल है आराध्य मेरे, और श्मशान मेरा धाम
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
महाकाल शांति में रखना मुझे शोर पसंद नहीं अपना ही रखना मुझे कोई और पसंद नहीं जय महाकाल
माथे का? तिलक कभी ?हटेगा नही, और जब तक जिन्दा हूँ,? तब तक महाकाल ⚡का नाम मुँह से मिटेगा नही।