मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।

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ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।

लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

पैसा नही है मेरी जेब मे सिर्फ महाकाल की तस्वीर है। सुबह शाम उसे देखता हूँ क्योंकि वो ही मेरी तकदीर है।।

अच्छी बात ये है कि मैं इंसान हूं, और उससे भी अच्छी बात ये है कि मैं महाकाल का भक्त हूं!!

ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।

लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”

जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?

#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।

पैसा नही है मेरी जेब मे सिर्फ महाकाल की तस्वीर है। सुबह शाम उसे देखता हूँ क्योंकि वो ही मेरी तकदीर है।।

अच्छी बात ये है कि मैं इंसान हूं, और उससे भी अच्छी बात ये है कि मैं महाकाल का भक्त हूं!!