महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल
हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल
हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!
हैसियत मेरी छोटी है पर, मन मेरा शिवाला है । करम तो मैं करता जाऊँ, क्योंकि साथ मेरे डमरूवाला है ?Har Har Mahadev?
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।