मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
आपका चेहरा भौले मुझे ऐसा भाता है सामने देव कोई भी हो मुख से नाम #महादेव का ही आता है?
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
आपका चेहरा भौले मुझे ऐसा भाता है सामने देव कोई भी हो मुख से नाम #महादेव का ही आता है?
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
लगाके दौलत में आग, हमने ये शौक पाला है, कोई पुछे तो कह देना कि, ये पागल महाकाल का दिवाना है । जय महाकाल
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?