आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

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समेट कर सारे जज़्बात रख दिये सिरहाने थोड़े सुकून के हक़दार हम भी हैं...

कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!

समेट कर सारे जज़्बात रख दिये सिरहाने थोड़े सुकून के हक़दार हम भी हैं...

कभी कभी हम गलत नहीं होते, बस वो शब्द ही नहीं होते जो हमें सही साबित कर सके

मुझको धुंड लेता है रोज किसी बहानोंसे दर्द हो गया है वाक़िफ़ मेरे ठीकानोंसे

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

क्यूँ दुनिया वाले प्यार को ईश्वर का दर्जा देते है ? मैंने तो आज तक नहीं सुना कि ईश्वर ने बेवफ़ाई की हो !!

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ !!