आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

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दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !

बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.

दिल के रिश्ते कभी नहीं टूटते.. बस खामोश हो जाते है..

लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद अच्छे इंसान से बदला लेते हैं

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से

बहुत देर करदी तुमने मेरी धड़कन महसूस करने मे ..! वोह दिल निलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हरी थी !

बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.