आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

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कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

कदर करना सिख लो क्योंकि.. ना ही ज़िंदगी वापिस आती है और ना ही लोग..

बडा गजब कीरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है पर ख़त्म नहीं....

बुरा हमें भी लगता है बस तुम्हे एहसास नहीं होने देते

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.