पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..

पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..

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दिल में उसकी चाहत और लबों पे उसका नाम है, वो वफ़ा करे ना करे जिन्दगी अब उसी के नाम है..

सिर्फ इसी ‘कर्ज’ को अदा करने के वास्ते हम सारी रात नही सोते ‘ कि शायद ‘कोई’ जाग रहा हो इस दुनिया मे “हमारे ” लिए

ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।

तेरी आँख में जो नमी सी छाई है, वो मेरे दूर होने की एकलौती गावहि है, याद इतना न किया करो हमे, हिचकी ले ले कर मेरी जान पे बन जाती है.

हिचकियाँ दिलाकर उलझन बढ़ा रहे हो, आँखें बंद है फिर भी नज़र आ रहे हो, इतना बता दो हमें याद कर रहे हो, ये सिर्फ अपनी याद दिला रहे हो.

उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!

दिल में उसकी चाहत और लबों पे उसका नाम है, वो वफ़ा करे ना करे जिन्दगी अब उसी के नाम है..

सिर्फ इसी ‘कर्ज’ को अदा करने के वास्ते हम सारी रात नही सोते ‘ कि शायद ‘कोई’ जाग रहा हो इस दुनिया मे “हमारे ” लिए

ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।

तेरी आँख में जो नमी सी छाई है, वो मेरे दूर होने की एकलौती गावहि है, याद इतना न किया करो हमे, हिचकी ले ले कर मेरी जान पे बन जाती है.

हिचकियाँ दिलाकर उलझन बढ़ा रहे हो, आँखें बंद है फिर भी नज़र आ रहे हो, इतना बता दो हमें याद कर रहे हो, ये सिर्फ अपनी याद दिला रहे हो.

उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!