पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, राते कटती है लेकर नाम तेरा, मुद्दत से बैठा हूँ पलके ये आस, कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा..
तुझ में और तेरी याद मैं बस फ़र्क़ हे इतना, तू तो बेवक़्त आती है याद हर वक़्त आती है..
ज़िन्दगी तो बड़ी सस्ती है, साहब बस जीने के तरीके बहुत महंगे है..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा, राते कटती है लेकर नाम तेरा, मुद्दत से बैठा हूँ पलके ये आस, कभी तो आएगा कोई पैग़ाम तेरा..
तुझ में और तेरी याद मैं बस फ़र्क़ हे इतना, तू तो बेवक़्त आती है याद हर वक़्त आती है..
ज़िन्दगी तो बड़ी सस्ती है, साहब बस जीने के तरीके बहुत महंगे है..