जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.
मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
जितना तू मुझे भुला रही है ! उतना ही दिल को तेरी याद आ रही है.
मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.