“कैसे बयां करू अल्फाज नहीं है” “दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है” “पूछते हो कि मुझे दर्द क्या है” “दर्द ये है की तू मेरे पास नहीं है"
बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह, आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह..
अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
दुःख तोह तब होता है जब याद आता है, क जिनसे ज़िंदगी क सारे सीक्रेट शेयर कर लिए थे.. उनसे अब बात बी नही होती.
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
“कैसे बयां करू अल्फाज नहीं है” “दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है” “पूछते हो कि मुझे दर्द क्या है” “दर्द ये है की तू मेरे पास नहीं है"
बंद आँखों में मेरी चले आते हो तुम अपनों की तरह, आँख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनो की तरह..
अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
दुःख तोह तब होता है जब याद आता है, क जिनसे ज़िंदगी क सारे सीक्रेट शेयर कर लिए थे.. उनसे अब बात बी नही होती.
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..