दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..

दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..

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सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

दिन भी ठीक से नहीं ✖गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है,क्या❔ करू यार तेरी☝ याद ही जो इतनी आती है.

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…

छोड़ दिया है सबको बिना वजह तंग करना ऐ दोस्त जब कोई अपना समझता ही नहीं तो याद दिला कर क्या करना.

सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

दिन भी ठीक से नहीं ✖गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है,क्या❔ करू यार तेरी☝ याद ही जो इतनी आती है.

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…

छोड़ दिया है सबको बिना वजह तंग करना ऐ दोस्त जब कोई अपना समझता ही नहीं तो याद दिला कर क्या करना.