अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"

अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"

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कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है.. कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है. ~•i miss u~•

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.

हम से इतना नहीं हो सका के तुझे भुला दे, एक तुम हो जो कभी भूले से भी मुझे याद नहीं करते ..

नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।

-पता नहीं अब हक़ है या नही, पर आज भी तेरी परवाह करना अच्छा लगता हैं ..

कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है.. कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है. ~•i miss u~•

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.

हम से इतना नहीं हो सका के तुझे भुला दे, एक तुम हो जो कभी भूले से भी मुझे याद नहीं करते ..

नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।

-पता नहीं अब हक़ है या नही, पर आज भी तेरी परवाह करना अच्छा लगता हैं ..