नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..
अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"
ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
तेरी आँख में जो नमी सी छाई है, वो मेरे दूर होने की एकलौती गावहि है, याद इतना न किया करो हमे, हिचकी ले ले कर मेरी जान पे बन जाती है.
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..
अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"
ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
तेरी आँख में जो नमी सी छाई है, वो मेरे दूर होने की एकलौती गावहि है, याद इतना न किया करो हमे, हिचकी ले ले कर मेरी जान पे बन जाती है.
गम ने हंसने न दिया, जमाने ने रोने न दिया! इस उलझन ने चैन से जीने न दिया! थक के जब सितारों से पनाह ली! नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!