नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
मुझे इतनी याद आकर बेचैन ना करो, तुम्हारी सितम काफी है कि साथ नहीं तुम.
तुम्हारे बिना कुछ सोचा नहीं जाता. एक पल भी बिन तुम्हारे हमसे जिया नहीं जाता, इतना भी याद आया न करो, फिर तुमसे दूर हमसे रहा नहीं जाता…..
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!
नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
मुझे इतनी याद आकर बेचैन ना करो, तुम्हारी सितम काफी है कि साथ नहीं तुम.
तुम्हारे बिना कुछ सोचा नहीं जाता. एक पल भी बिन तुम्हारे हमसे जिया नहीं जाता, इतना भी याद आया न करो, फिर तुमसे दूर हमसे रहा नहीं जाता…..
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!