तुझे पाने की हसरत मैं कब तक तरस्ती रहूं? कोई ऐसा दे धोखा के मेरी सांस टूट जाये और जान छूट जाये ..
~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?
दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है ।
आज ऊजालो में एक कमी सी रहेने दो आंखो में एक कतरा नमी सी रहेने दो क़ही रह ना जाये मोहब्बत अधुरी मेरी इंतेजार है उसका, इंतेजार ही रहने दो.
तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
तुझे पाने की हसरत मैं कब तक तरस्ती रहूं? कोई ऐसा दे धोखा के मेरी सांस टूट जाये और जान छूट जाये ..
~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?
दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है ।
आज ऊजालो में एक कमी सी रहेने दो आंखो में एक कतरा नमी सी रहेने दो क़ही रह ना जाये मोहब्बत अधुरी मेरी इंतेजार है उसका, इंतेजार ही रहने दो.
तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!