तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

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बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

अजीब तरह से गुजर रही है ज़िंदगी .. सोचा कुछ, किया कुछ हुआ कुछ, मिला कुछ ..

चेहरा तो मिल ही जाएगा हमसे भी खुबसूरत पर जब बात दिल की आएगी ना तो हार जाओगे तुम

जब कोई आपकी नाराज़गी की फ़िक्र करना छोड़ दे तो समझ लेना रिश्ता ख़तम मजबूरी शुरू

जब 'मतलब' ना होतो लोग बोलना तो दूर देखना तक छोड़ देते है .

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है