तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

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मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..

दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?

मुस्कुराना तो सीखना पड़ता हैं, रोना तो लोग सीखा देते हैं..

दिमाग पर ज़ोर लगाकर गिनते हो गलतियां मेरी कभी दिल पर हाथ रख के पूछना कसूर किसका है

ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे भी आते हैं हँसाते – रूलाते और देखते ही देखते दिल में बस जाते हैं फिर दूर जाने के बाद याद बहुत आते हैं ..

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?