क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.
उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही
बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है, लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे…!
किसी ने क्या खूब कहा है - अकड़ तो सब में होती है .. झुकता वही है जिसे रिश्तो की फ़िक्र होती है..