उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .
उसने कहा भूल जाओ मुझे, हमने कह दिया, कौन हो तुम ?
नफरत मत करना हमसे, हमे बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना, अब तेरी जरूरत नहीं हैं .
ये दिल भी उसी पे मरता है जो हमारी कदर नहीं करता
उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है
चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..
अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .