तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

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लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा

लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

रिश्ते वो होते हैं जिसमे शब्द कम और समझ ज्यादा हो......

चलते रहेंगे क़ाफ़िले मेरे बग़ैर भी यहाँ.एक तारा टूट जाने से, फ़लक़ सूना नहीं होता

रूठना तेरा लाज़मी था हर बार मनाने की आदत जो हमने डाली थी .

अब डर सा लगने लगा है मुझे उस हर शख्स से जो कहता है मैं तुम्हे अकेला नहीं छोड़ूंगा