तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

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अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए

तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही

अकेली रात .. बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो .

नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो

चेहरे अक्सर झूठ भी बोला करते हैं.. रिश्तों की हकीकत वक़्त पर पता चलती हैं..

अभी कदर नही है ना तुम्हे मेरी देखना एक दिन तड़पोगे मुझसे बात करने के लिए

तुमसे गुस्सा होकर भी तुम्हे ही ढूंढा करता हूँ

हर बात पे ताना, हर अंदाज़ में गुस्सा, साफ़ क्यों नहीं कहते की मोहब्बत नहीं रही