"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.
"कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था."
सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है
किस मुकाम पर ले आई है ये मोहब्बत हमे उसे पाया भी नहीं जाता और भुलाया भी नहीं जाता
कल जितनी हसरत थी तुझे पाने की आज उतनी हसरत है तुझे भूल जाने की
सोचते है, अब हम भी सीख ले यारों बेरुखी करना..सबको मोहब्बत देते-देते, हमने अपनी कदर खो दी है
हमे बुरा न समझो जनाब हम दर्द लिखते है देते नहीं.