"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
माना मोहब्बत में होता नहीं जब्र, मगर बिन तेरे इस दिल को भी कहाँ है सब्र
"जब हम रिश्तो के लिए वक़्त नहीं निकाल पाते तो वक़्त हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है."
बड़ी अजीब सी हैं शहरों की रौशनी.. उजालो के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल हैं..
सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते
अगर आंसुओं की कीमत होती तो कल रात वाला तकिया अरबों का होता
माना मोहब्बत में होता नहीं जब्र, मगर बिन तेरे इस दिल को भी कहाँ है सब्र