तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

Share:

More Like This

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही

किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?

तेरी तो फितरत ही थी सभी से मोहब्बत करने की, हम तो बेवजह ही खुद को खुशनसीब समझने लगे थे.

जब ऑंसू गिरने बंद हो जाये तोह तकलीफ गुस्सा बन क बाहर अति है

चलो अब जाने भी दो....क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही....और बयां हमसे होगा नही

किसी के दिल का दर्द किसने देखा है, देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है, दर्द तो तन्हाई मे होता है, लेकिन इन तन्हाइयों मे लोगो ने हमे हसते हुए देखा है !

जिनके दिल बहुत अच्छे होते हैं, अक्सर उन्हीं की किस्मत खराब होती है

वो जा रहा है छोड़ कर..बताओ रास्ता दूँ या वास्ता दूँ...?