युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये
युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !
नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .
थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें
जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं
गुज़रे है आज इश्क के उस मुकाम से, नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से ।
क़ोई ज़ुदा हो तो ऐसे ना हो, कि लौटने का भ्रम रह जाये