तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

तकलीफे तो हजारो है इस ज़माने में| बस कोई अपना नज़र अंदाज करे तो बर्दाश्त नहीं होती !!

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कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

कभी कभी इंसान ना टूटता है ना बिखरता है बस हार जाता है कभी किस्मत से तो कभी अपनों से

जिनको साथ नहीं देना होता वो अक्सर रूठ जाया करते हैं

हमने भी एक ऐसे इंसान को चाहा, जिसे भूलना हमारे बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं.

एक फ़क़ीर ने कहा था चिंता ना कर वो भी रोएगा जो आज तुझे रुला रहा है

ज़िन्दगी चैन से गुज़र जाए , तू अगर ज़हन से उतर जाए

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया