बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने
बहुत तकलीफ होती है उस वक़्त जब तुम सब से बात करते हो सिर्फ मुझे छोड़ कर.
बहुत जल्दी भरोसा कर रहे हो, कभी पहले टूटा नहीं क्या?
सच को तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो, कितना मीठा बोलता है....
मेरे मरने पर तो लाखो रोने वाले है, तलाश उसकी है जो मेरे रोने से मर जाए
सबका दिल रखने में, अक्सर मेरा दिल टूट जाता है.
झुठ बोलकर तो मैं भी दरिया पार कर जाता, मगर डूबो दिया मुझे सच बोलने की आदत ने