हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं| हम इसी वास्ते हर सख्स से कम मिलते हैं|
शब्द केवल चुभते है, खमोशियाँ मार देती हैं.
बात ये नहीं थी, कुछ कहना था तुम्हें.. तकलीफ़ ये है, कि तुम ख़ामोश क्यूँ रहे..
मेरी आंखे देखकर लोग कहते हैं लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बहुत है
मैंने दोस्ती माँगी थी वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया
तुमसे दिल लगा कर देख लिया अब और क्या देखने को बाक़ी है |