वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

वो रो रो कर कहती रही, मुझे नफरत है तुमसे, मगर एक सवाल आज भी परेशान किये हुए है की अगर इतनी नफरत ही थी तो, वो रोई क्यों

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किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है, "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है

बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं

हम बुरे नहीं थे मगर तुमने बुरा कह दिया पर अब हम बन गए है ताकि तुझे कोई झूठा न कहदे

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

दिल मेरे सीने से चुरा रहा है कोई, दूर होकर भी याद आ रहा है कोई, हे खुदा मुझे उससे एक बार मिलादे, इंतज़ार मेरे लिए कर रहा है कोई !