किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम के ये दिल बेकरार आज भी है
रोज़ खवाबों क जज़ीरों में निकल जाता हूँ तुझ से मिलने की नयी राह निकाली मैंने
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।
ख्वाबो मे चाहा था तुम्हे कभी, आज तुम हक़ीक़त बन गए हो, मेरे दिल मे बसाया था तुम्हे कभी, आज तुम ज़िन्दगी बन गए हो..
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम के ये दिल बेकरार आज भी है
रोज़ खवाबों क जज़ीरों में निकल जाता हूँ तुझ से मिलने की नयी राह निकाली मैंने
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।
ख्वाबो मे चाहा था तुम्हे कभी, आज तुम हक़ीक़त बन गए हो, मेरे दिल मे बसाया था तुम्हे कभी, आज तुम ज़िन्दगी बन गए हो..