दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

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अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

कैसे करूं मैं साबित… कि तुम याद बहुत आते हो, एहसास तुम समझते नहीं और अदाएं हमें आती नहीं…

~सिगरेट जलाई थी उसकी याद भुलाने के लिये पर कम्भखत धुएं ने भी उसकी तस्वीर बना दी .. ‘

सिर्फ इसी ‘कर्ज’ को अदा करने के वास्ते हम सारी रात नही सोते ‘ कि शायद ‘कोई’ जाग रहा हो इस दुनिया मे “हमारे ” लिए

खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss You"

अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

कैसे करूं मैं साबित… कि तुम याद बहुत आते हो, एहसास तुम समझते नहीं और अदाएं हमें आती नहीं…

~सिगरेट जलाई थी उसकी याद भुलाने के लिये पर कम्भखत धुएं ने भी उसकी तस्वीर बना दी .. ‘

सिर्फ इसी ‘कर्ज’ को अदा करने के वास्ते हम सारी रात नही सोते ‘ कि शायद ‘कोई’ जाग रहा हो इस दुनिया मे “हमारे ” लिए

खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss You"