दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.

Share:

More Like This

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर.. कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए…. तो भी दिल धड़क जाता है….

दिल को तेरी ही तमन्ना दिल को है तुझसे ही प्यार चाहे तू आये.. या न आये हम करेंगे इंतज़ार..

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर.. कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए…. तो भी दिल धड़क जाता है….

दिल को तेरी ही तमन्ना दिल को है तुझसे ही प्यार चाहे तू आये.. या न आये हम करेंगे इंतज़ार..