कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाएं हम. न तमन्ना है किसी को रुलाएं हम. पर दुआ है उस रब से एक ही, जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आयें हम.
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.
चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..
दिल को तेरी ही तमन्ना दिल को है तुझसे ही प्यार चाहे तू आये.. या न आये हम करेंगे इंतज़ार..
कुछ दिन खामोश होकर देखना, लोग सच में भूल जाते है..
ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाएं हम. न तमन्ना है किसी को रुलाएं हम. पर दुआ है उस रब से एक ही, जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आयें हम.
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
तुम्हे मिस करती हूं रोज़ मिस करती हूं बहुत मिस करती हूं तुम्हारी कसम.
चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..
दिल को तेरी ही तमन्ना दिल को है तुझसे ही प्यार चाहे तू आये.. या न आये हम करेंगे इंतज़ार..