तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
जिस ने छोड़ दिया मुझी पुराने साल की तरह, उसे नया साल भी मुबारक नए यार भी मुबारक .. ‘
-तुझ से न मिलने की क़सम खा कर भी, हर राह में तुझे ढूंडा है मैंने ..
तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘
तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘
नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।
तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
जिस ने छोड़ दिया मुझी पुराने साल की तरह, उसे नया साल भी मुबारक नए यार भी मुबारक .. ‘
-तुझ से न मिलने की क़सम खा कर भी, हर राह में तुझे ढूंडा है मैंने ..
तुम हकीकत’इ-इश्क़ हो या फरेब मेरी आँखों का, न दिल से नीकलते हो न ज़िन्दगी मैं आते हो .. ‘
तू होश में था फिर भी हमें पहचान न सका .. एक हम थे की पी कर भी तेरा नाम लेते रहे .. ‘
नींद आये न आये रातों को,, मग़र,,उनकी याद,,बराबर आती रहती है।।