खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
मजबूरियों के नाम पर दामन चुरा गये, वो लोग जिन की मोहब्बतों में दावे हजार थे..
कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!
कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है, कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है..
मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…
-पता नहीं अब हक़ है या नही, पर आज भी तेरी परवाह करना अच्छा लगता हैं ..
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे..
मजबूरियों के नाम पर दामन चुरा गये, वो लोग जिन की मोहब्बतों में दावे हजार थे..
कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!
कोई मरता नहीं किसी के लिए, यह सच है, कोई जीता है मर मर के किसी के लिए, यह भी सच है..
मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वह मरते हैं जो खुद से ज्यादा, किसी और को चाहते हैं…
-पता नहीं अब हक़ है या नही, पर आज भी तेरी परवाह करना अच्छा लगता हैं ..