मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..
सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं
मै उसके लिए चाय बनाना सीखता रहा और वो पैग बनाने वाले के साथ भाग गई
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
गिरते हुए पत्त्तों ने मुझे यह समझाया हैं बोझ बन जाओ तो अपनो भी गिरा देते हैं .
लाख कसमे देदो किसी को मगर छोड़ने वाले छोड़ ही जाते है `
अपने रब के फैसले पर भला शक कैसे करुँ सजा दे रहा है अगर वो कुछ तो गुनाह रहा होगा..
सच कहूँ आज पहली दफा लगा की दूरियाँ बड़ी ज़ालिम हैं