रुलाती है मगर रोने का नहीं.

रुलाती है मगर रोने का नहीं.

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दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.

दिल भी एक जिद पर अड़ा है किसी बच्चे की तरह, या तो सब कुछ ही चाहिए या कुछ भी नही

सिर्फ एक बहाने की तलाश होती है निभाने वाले को भी, और जाने वाले को भी

दिल उसके इंतज़ार में डूबा है. जो किसी और की चाहत में डूबा है.

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

जान तक देने की बात करते हैं यह लोग सच कहु तो दिल से दुआ भी नहीं करते

खामोश रहना ही बेहतर है लफ्ज़ो के अक्सर लोग गलत मतलब निकाल लेते है.