ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.

ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.

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वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है

वो हर बात मुझसे छुपाने लगे हैं, वो मेरे हिस्से का वक़त किसी और के साथ बिताने लगे हैं

थम के रह जाती है ज़िंदगी जब जम के बरसती है पुरानी यादें

उसे गजब का शौंक है हरियाली का, रोज आकर जख्मों को हरा कर जाती है

गुज़र गया आज का दिन भी पहले की तरह ना हमे फुरसत मिली ना उन्हे ख्याल आया .

बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |

सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है