मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से
मौत आये तो शायद दिन सवर जाए वरना ज़िंदगी ने तो मार ही डाला है
जब से वो मशहूर हो गये हैं, हमसे कुछ दूर हो गये हैं…
मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर...... जरा सम्भल के...... ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले दोस्त, वो क्या समझेगा एक सितारे कि कमी को…
किसी से हद से ज़्यादा उम्मीद लगाओगे तो एक दिन उस उम्मीद के साथ खुद भी टूट जाओगे
एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से