ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.

ना मुलाक़ात याद रखना, ना पता याद रखना, बस इतनी सी आरज़ू है, मेरा नाम याद रखना.

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जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं

दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

चारो और देख लिया मैंने ना मुझे मेरा कोई दिखा ना मेरे जैसा कोई दिखा।

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी

जिनको मेरी फ़िक्र नहीं उनका अब से कोई ज़िक्र नहीं

दिल को कागज समझ रखा है क्या.. आते हो, जलाते हो, चले जाते हो

कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.

खुद पर भरोसा करना सिख़लो सहारा चाहे कितना ही सच्चा हो एक ना एक दिन साथ छोड़ ही देता हैं

चारो और देख लिया मैंने ना मुझे मेरा कोई दिखा ना मेरे जैसा कोई दिखा।

हम नादान थे जो उसे हमसफ़र समझ बैठे जो चलती थी साथ मेरे पर तलाश उसे किसी और की थी